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जानिए आखिर क्यों 4 साल में एक बार आता है 29 फ़रवरी

213 Days ago
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साल में 12 महीने होते हैं। उन 12 महीनों में सिवाए एक महीने के हर महीना 30 नहीं तो 31 दिन का होता है। जो महीना कम दिन का होता है वह फ़रवरी है। फ़रवरी 3 साल तक 28 दिनों का होता है और 4वें साल उसमे एक दिन बढ़ जाता है। इस वर्ष में 365 के स्थान पर 366 दिन होते हैं। इस एक दिन बढ़ने के वजह से हम उस साल को लीप ईयर के नाम से जानते हैं। चलिए आज हम आपको बतातें है आखिर क्यों 29 फ़रवरी 4 साल में एक बार ही आता है।

इस साल को लीप ईयर कहा जाता है। इसके पीछे का कारण आप जानकर हैरान हो जाएंगे। इस साल में 1 दिन कारण पृथ्वी और सूर्य हैं। दरअसल, यह पृथ्वी और सूर्य के परिक्रमा को लेकर है। आप सभी को पता ही होगा की पृथ्वी सूरज का एक चक्कर लगाने में 365.242 दिन लगाती है। आप देख सकते है की हमारा साल 365 दिन का होता है और धरती अधिक वक़्त लेती है। ये जो 00.242 दिन होते हैं। वह 4 साल में एक पूरा दिन बनकर उभरते हैं। और इस कारण 4 साल में एक बार लीप ईयर आता है।
अगर हम साल के हर महीने एक समान बियाएं तो इस तरह से हम धरती के प्राकृतिक कैलेंडर मेसे लगभग 6 घंटे ऐसे आगे निकल जाएंगे। अगर हम लीप ईयर को कतम कर देते है तो धरती पर आने वाले समय में कुछ भी सही तरह से नहीं रहेगा। आपको बता दें की जो गर्मी का मौसम हम मई और जून में सहते है उसे कुछ सालो बाद हमे दिसंबर और नवंबर में देखने मिलेगा। इसलिए धरती पर सब कुछ सही रखने के लिए लीप ईयर होना बेहद जरुरी है। 

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